Saturday, 23 February 2019

सूचना का अधिकार

 भ्रष्टाचार के खिलाफ 2005 में एक अधिनियम लागू किया  यानी RTI कहा गया. इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है  यानि हम किसी सरकारी विभाग से उसके विचार नही पूछ सकते. जैसे आप के ईलाके में विकास के कामो के लिए कितने पैसे खर्च हुए है और कहाँ खर्च हुए है, आपके इलाके की  स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल में कितने पैसे खर्च हुए है जैसे सवाल आप सूचना का अधिकार   के तहत पता कर सकते है.
ये तो है सुचना के अधिकार का मतलब   लेकिन अभी भी लोगो के पास सुचना के अधिकार को लेकर कई सवाल है. और उन सवालों को हम बहुत ही सरल तरीके से जवाब देने की कोशिश करेंगे.


  • कोई भी नागरिक,  सरकारी विभाग से जानकारी प्राप्त कर सकता है
  • ये अधिकार एक आम नागरिक के पास है 
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम है.
  • सभी सरकारी विभाग, प्रधानमंत्री, मुख्यमत्री, बिजली कंपनियां, बैंक, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, राष्ट्रपति, पुलिस, बिजली कंपनियां, सुचना के अधिकार के अन्दर आते है.

       RTI की एप्लीकेशन आप किसी भी भारतीय भाषा  या किसी भी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं

  • किसी भी सरकारी विभाग से जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ 10/- रूपये की फीस है
  • ये फीस गरीबी रेखा के लोगो के लिए माफ़ है.
Note – भारत में सिर्फ जम्मू कश्मीर ही ऐसा राज्य है जहाँ आप सुचना के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकते.








Friday, 22 February 2019

क्या है धारा 370

जम्मू-कश्मीर और वहां की राजनीति में क्या खास बात है। वह भारत से किस तरह अलग है। जम्मू-कश्मीर राज्य को कुछ विशेष अधिकार मिले हैं। और यह धारा 370 के कारण मुमकिन हुआ। आइए आपको बताते हैं क्या है धारा 370 और यह कैसे एक देश को दो हिस्सों में बांटती है।   जिसके बाद राजनीतिक दलों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी थी। कई राजनीतिक दल इस धारा को हटाने की मांग करते रहे हैं।


क्या हैं अधिकार : 
भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। 

वित्तीय आपातकाल लगाने वाली धारा 360 भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होती। 

जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा है। 

भारत की संसद जम्मू-कश्मीर में रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा कोई अन्य कानून नहीं बना सकती।

धारा 356 लागू नहीं, राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं। 

कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहरी से शादी करती है तो उसकी कश्मीर की नागरिकता छिन जाती है।